Monthly Archives: August 2009

Why don’t I get bored?

कह कह कर भी कुछ कह नहीं पाई अाशा दुख का मूल है माना अाशा से ही जीती हूँदुख से ही फिर कहती हूं अाज मुझे कुछ कहना हैशायद बहुत सा रोना है Advertisements

Posted in Uncategorized | Leave a comment